पाली में विजयादशमी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रीराम की भव्य झांकी और रावण दहन के साथ हुआ बुराई पर अच्छाई की जीत का उद्घोष
पाली/कोरबा। विजयादशमी के पावन पर्व पर पाली नगर में दशहरा उत्सव धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक यह पर्व पूरे नगर में उत्साह और भक्ति के माहौल के बीच संपन्न हुआ।कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीराम की भव्य जीवंत झांकी से हुई। भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान जी की मनोहारी झांकी जैसे ही नगर के प्रमुख मार्गों से निकली, पूरा वातावरण “जय श्रीराम” के जयकारों से गूंज उठा। पुष्पवर्षा कर जगह-जगह लोगों ने झांकी का स्वागत किया।

नगर भ्रमण करते हुए यह दिव्य झांकी दशहरा महोत्सव मैदान पहुंची, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने इसका दर्शन लाभ लिया।
रावण दहन बना मुख्य आकर्षण
झांकी के मैदान पहुंचने के बाद मुख्य आकर्षण रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। आतिशबाजी और लाइट-साउंड के बीच जैसे ही विशाल रावण के पुतले का दहन किया गया, पूरा मैदान “जय श्रीराम” के उद्घोष और तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह दृश्य बुराई पर अच्छाई की जीत का जीवंत संदेश दे रहा था।

रावण दहन देखने के लिए नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचल सहित विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोगों का जनसैलाब उमड़ा। बच्चों, युवाओं और महिलाओं में खासा उत्साह देखा गया।
गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष अजय जायसवाल, सांसद प्रतिनिधि प्रशांत मिश्रा, पूर्व श्रम कल्याण मंडल सदस्य नवीन सिंह ठाकुर,नपं उपाध्यक्ष लखन प्रजापति,भाजपा मंडल अध्यक्ष एवं पार्षद चंद्रशेखर पटेल,नरेंद्र अग्रवाल,पूर्व पार्षद मोहित गुप्ता,एल्डरमैन रामविलास जायसवाल, एल्डरमैन रामनारायण पटेल,एल्डरमैन हरीश चावड़ा,दीपक सोनकर,पार्षद उमेश चंद्रा,सुनील साहू,सोना ताम्रकार,दीपक जायसवाल,सनत पटेल,भूपेंद्र कुर्रे,समीन पटेल,रमाशंकर जायसवाल,हरि साहू,श्रीकांत सोनकर,निलेश भावनानी,प्रवीण सिंह,सूरज कश्यप,रितेश जायसवाल,कमल वैष्णव,दीपक शर्मा,तहसीलदार भूषण मांडवी,थाना प्रभारी मनोज कौशिक सहित कई जनप्रतिनिधि, विभिन्न दुर्गा उत्सव समितियों के सदस्य और गणमान्य नागरिक,पार्षद गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में आयोजन समिति का विशेष योगदान रहा।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पाली पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
