मल्हार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्रों की शिकायतों को लेकर प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग
बिलासपुर – शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मल्हार में अध्ययनरत छात्रों द्वारा विद्यालय में सामने आ रही विभिन्न समस्याओं एवं गंभीर शिकायतों को लेकर प्रदर्शन किया गया। छात्रों की आवाज़ एवं उनकी मांगों के समर्थन में छात्र नेता सुजल द्विवेदी मौके पर पहुँचे और छात्रों के साथ खड़े होकर उनकी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा।

छात्रों द्वारा शिकायत की गई है कि विद्यालय में एक शिक्षक द्वारा मारपीट, धमकी, अश्लील टिप्पणी एवं छेड़छाड़ जैसी गंभीर घटनाएं की गई हैं। वहीं विद्यालय के प्राचार्य पर भी छात्रों द्वारा गाली-गलौज एवं अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन शिकायतों को लेकर छात्रों में आक्रोश एवं असुरक्षा का वातावरण है।

छात्र नेता सुजल द्विवेदी ने कहा कि विद्यालय शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का स्थान है। यदि छात्रों द्वारा इस प्रकार की गंभीर शिकायतें सामने आती हैं तो प्रशासन का दायित्व है कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच करे और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करे।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों का आरोप है कि भाजपा से जुड़े कुछ स्थानीय नेताओं द्वारा उन्हें डराने-धमकाने, अपनी आवाज़ उठाने से रोकने तथा प्रदर्शनकारियों के साथ धक्का-मुक्की करने का प्रयास किया गया। छात्रों के अनुसार उन्हें यह भी कहा गया कि यदि वे “बाहरी लोगों के साथ आवाज उठाएंगे तो न्याय नहीं होने दिया जाएगा।”
इस पर सुजल द्विवेदी ने कहा कि न्याय की मांग करना छात्रों का अधिकार है और किसी भी राजनीतिक दबाव के कारण छात्रों की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि वे छात्रों के समर्थन में हमेशा खड़े रहेंगे और किसी भी प्रकार के अन्याय के विरुद्ध लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ उठाते रहेंगे।
छात्रों की शिकायत के बाद DEO मौके पर पहुँचे और विद्यालय का निरीक्षण किया। हालांकि, जिन प्राचार्य एवं शिक्षक के विरुद्ध छात्रों द्वारा शिकायत की गई है, वे निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद नहीं थे। DEO द्वारा जांच का हवाला देते हुए निरीक्षण के बाद वापस लौटने पर छात्रों ने मांग की कि जांच केवल औपचारिकता न रह जाए, बल्कि सभी संबंधित पक्षों के बयान लेकर निष्पक्ष एवं पूर्ण जांच की जाए।
सुजल द्विवेदी ने कहा कि आज जब देश में ‘विकसित भारत’ की बात की जा रही है, तब सरकारी विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव और छात्रों की सुरक्षा से जुड़ी ऐसी शिकायतें गंभीर चिंता का विषय हैं। विकसित भारत की नींव तभी मजबूत होगी, जब हर छात्र को सुरक्षित वातावरण, सम्मान, बेहतर शिक्षा और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं मिलें।
मुख्य मांगें
छात्रों की सभी शिकायतों की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच की जाए।
शिकायतकर्ता छात्रों के बयान बिना किसी दबाव के दर्ज किए जाएं।
सभी संबंधित पक्षों का पक्ष जांच में शामिल किया जाए।
छात्रों को किसी भी प्रकार की धमकी या दबाव से सुरक्षा दी जाए।
विद्यालय में आवश्यक मूलभूत सुविधाएं एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
जांच में आरोप प्रमाणित होने पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए।