छत्तीसगढ़ तेलुगू महासंगम की प्रदेश कार्यकारिणी समिति की बैठक भिलाई में संपन्न,समाज की एकता को मजबूत करने, आपसी भाईचारा एवं सामाजिक समरसता पर जोर
बिलासपुर/यु मुरली राव – छत्तीसगढ़ राज्य में निवासरत लगभग 8 लाख तेलुगू समाज के लोगों की एकता, उन्नति, सामाजिक समरसता एवं सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ तेलुगू महासंघम द्वारा रविवार को भिलाई में प्रदेश कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।इस महासभा में बिलासपुर, रायपुर, भिलाई, दुर्ग, कोरबा, जगदलपुर सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से तेलुगू समाज के मुख्य कार्यकारिणी, पदाधिकारीगण, सदस्य एवं गणमान्य नागरिक,समाजसेवियों एवं प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभा में समाज की वर्तमान परिस्थितियों, विभिन्न चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं पर प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।

महासभा में उपस्थित प्रतिनिधियों ने तेलुगू समाज की एकता को और अधिक मजबूत करने, आपसी भाईचारा एवं सामाजिक समरसता बढ़ाने तथा युवा पीढ़ी को शिक्षा, रोजगार, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। साथ ही आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया गया।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ तेलुगू महासंघम के प्रदेश संरक्षक व्ही. रामा राव ने कहा कि समाज के विकास के लिए केवल विचार-विमर्श तक सीमित रहने के बजाय ठोस योजनाओं को त्वरित गति से धरातल पर उतारना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समाज की शक्ति उसकी एकता में है और यदि सभी संगठन, समाजसेवी एवं प्रतिनिधि आपसी मतभेदों को पीछे छोड़कर एक उद्देश्य के साथ आगे बढ़ें, तो छत्तीसगढ़ का तेलुगू समाज सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है।

छत्तीसगढ़ तेलुगू महासंगम के प्रदेश उपाध्यक्ष बी वेणुगोपाल राव ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज की समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक नेतृत्व, पारदर्शिता, आपसी सहयोग और समयबद्ध कार्ययोजना आवश्यक है। विशेष रूप से युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें नेतृत्व के अवसर प्रदान करने तथा तेलुगू भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।बैठक में यह विचार प्रमुख रूप से सामने आई कि छत्तीसगढ़ में रहने वाला प्रत्येक तेलुगू परिवार समाज की सामूहिक शक्ति का हिस्सा है। समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना, जरूरतमंद परिवारों की सहायता करना, शिक्षा को प्रोत्साहित करना तथा तेलुगू भाषा एवं संस्कृति की समृद्ध परंपरा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना महासंघम की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।

महासभा में मुख्य रूप से मुख्य संरक्षक व्ही. रामा राव, अध्यक्ष आर मुरली महासचिव बी तुलसी राव, उप महासचिव जी गणेश, उपाध्यक्ष श्रीनिवास रेड्डी, संस्थापक सदस्य रुद्र मूर्ति, मुख्य सलाहकार एम बाबू राव, उपाध्यक्ष बी. वेणुगोपाल राव, सचिव आर. मनोरथ बाबू, मुख्य कार्यकारिणी सदस्य यु. मुरली राव, सी. श्रीनिवास राव, आर. श्रीनिवास राव, शंकर राव, वी. के. रेड्डी, जी. वेंकट प्रसाद, वेंकट राव, के. जग्गा राव, वरिष्ठ पत्रकार भिलाई सूर्य राव, वरिष्ठ पत्रकार रायपुर श्याम कुमार सहित विभिन्न जिलों से आए अनेक समाजसेवी एवं प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।