November 6, 2026

सर्वपितृ अमावस्या: महालय अमावस्या का महत्त्व और पुण्यफल

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सर्वपितृ अमावस्या को महालय अमावस्या भी कहा जाता है।

महालय का अर्थ है – _’वह महान तिथि जिसमें समस्त पितरों का आवाहन कर उनका एक साथ पूजन किया जाये।’_

सर्वपितृ अमावस्या के दिन पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है। हिंदू धर्म में इस तिथि को अत्यंत ही पुण्यकारी माना गया है।

इस दिन क्या करना फलदायी है –

इस दिन ब्राह्मण भोज, वस्त्रदान, तिलदान, जलदान, दीपदान और गाय को हरा चारा खिलाना अत्यंत फलदायी होता है। साथ ही श्रीमद्भगवद्गीता, श्रीविष्णुसहस्रनाम अथवा रुद्रपाठ का पाठ करने से पितरों की आत्मा को शांति प्राप्त होती है।

पितृ ऋण से मुक्ति का दिन

इस दिन किया गया श्राद्ध कर्म व्यक्ति को पितृ ऋण से मुक्त करता है और परिवार में सुख-समृद्धि व खुशहाली का आगमन होता है।

सर्वपितृ अमावस्या पितृ पक्ष की अंतिम तिथि होती है, जिसे सभी ज्ञात-अज्ञात पितरों के श्राद्ध के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना गया है।

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