August 20, 2026

छत्तीसगढ़ तेलुगू महासंगम का प्रांतीय अधिवेशन बिलासपुर में संपन्न

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प्रदेशभर में जिला इकाइयों के गठन एवं संगठन विस्तार का लिया गया निर्णय

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ तेलुगू महासंगम की प्रदेश मुख्य कार्यकारिणी एवं प्रांतीय अधिवेशन का आयोजन बिलासपुर में एक निजी भवन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण अधिवेशन में रायपुर, भिलाई, कोरबा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारी, मुख्य कार्यकारिणी सदस्य एवं तेलुगु समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश अध्यक्ष आर. मुरली, महा सचिव बी. तुलसी, प्रदेश कोषाध्यक्ष एन. रमना मूर्ति, संरक्षक स्वामी जी, वी. रामा राव, सलाहकार एम. बाबू राव, सचिव आर. मनोरथ बाबू सहित अन्य पदाधिकारियों द्वारा भगवान श्री गणेश एवं माँ सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात गणेश वंदना प्रस्तुत की गई और समाज की उन्नति एवं एकता के लिए प्रार्थना की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष बी. वेणुगोपाल राव ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेलुगू महासंगम केवल एक सामाजिक संगठन नहीं, बल्कि तेलुगु समाज की संस्कृति, भाषा, परंपरा एवं एकता का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्षों पूर्व आंध्र प्रदेश से रोजगार एवं सेवा के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ आए हजारों तेलुगु परिवार आज इस प्रदेश के स्थायी निवासी बन चुके हैं तथा शिक्षा, उद्योग, व्यापार, प्रशासन, रेलवे एवं विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देकर छत्तीसगढ़ के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि महासंगम का उद्देश्य समाज को एकजुट करना, युवा पीढ़ी को अपनी मातृभाषा, संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ना, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना तथा समाज के प्रत्येक सदस्य के सुख-दुःख में सहभागी बनना है। संगठन भविष्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रतिभा सम्मान, युवा नेतृत्व विकास एवं सामाजिक सेवा के अनेक कार्यक्रमों का संचालन करेगा।

बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं जिला प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विचार रखे तथा संगठन को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। सभी वक्ताओं ने संगठन के विस्तार, समाज के युवाओं एवं महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा विभिन्न जिलों में नियमित सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित करने पर बल दिया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रदेश अध्यक्ष आर. मुरली ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेलुगू महासंगम को प्रदेश के प्रत्येक जिले तक मजबूत संगठन के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही सभी जिलों में जिला शाखाओं का गठन किया जाएगा तथा प्रत्येक इकाई को सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सेवा कार्यों से सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से संगठन को मजबूत बनाने एवं अधिकाधिक लोगों को महासंगम से जोड़ने का आह्वान किया।

प्रांतीय अधिवेशन में उपाध्यक्ष टी. श्रीनिवास रेड्डी, उप महा सचिव एस. गणेश, सचिव पी. आदिनारायण, ए. के. श्रीनिवास मूर्ति, एम. चिन्ना, सी.एच. भीमराव, डी.डी. किरण, बी.वी.एस. राजकुमार, एम. वेंकट राव, बी. रमेश कुमार, बी. वेंकट राव, एम. सूर्य नारायण, डी. ईश्वर, बी. सूर्य नारायण, डी. आनंद राव, एम. सुधाकर, ए. के. नायडू, पी. चंद्रशेखर, टी. रमेश बाबू, पी. श्रीनिवास राव, आर. प्रसाद राव, सुरेश पटनाला, अनिल कुमार, एन. लोकेश कुमार, जी.वी. प्रसाद, ए. वेंकटेश्वर, पी. रामकृष्ण शर्मा, यू. मुरली राव, पी. चंद्र बाबू, एस. शंकर राव, जी.वी.एन. मूर्ति सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए अनेक पदाधिकारी एवं समाज के वरिष्ठजन उपस्थित रहे।

बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने संगठन की एकता, सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक संरक्षण एवं तेलुगु समाज के सर्वांगीण विकास के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का यासमापन धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ

 

 

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