केंद्रीय विद्यालय सीआरपीएफ में हिंदी कार्यशाला आयोजित: संप्रेषण कौशल और वर्तनी सुधार पर हुआ गहन मंथन
बिलासपुर/यु मुरली राव – केंद्रीय विद्यालय सीआरपीएफ बिलासपुर में ‘हिंदी मास’ के अंतर्गत 22 सितंबर को एक दिवसीय विशेष हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अध्यापकों एवं कर्मचारियों के व्यावहारिक भाषा ज्ञान को समृद्ध करना और दैनंदिन शिक्षण व प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के सटीक उपयोग को बढ़ावा देना था।

कार्यालयीन समय में आयोजित इस कार्यशाला में विद्यालय के प्राचार्य, समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और वंदना के साथ हुआ।प्रथम सत्र में संसाधक सुनील पाण्डेय ने प्रभावी संप्रेषण में हिंदी भाषा की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कक्षा शिक्षण और कार्यालयीन संवाद व लेखन में सरल, स्पष्ट और प्रभावकारी हिंदी का प्रयोग किस प्रकार विचारों के आदान-प्रदान को सुगम बनाता है। उन्होंने बताया कि सही उच्चारण, उचित लय और भाषा का शिष्ट उपयोग संप्रेषण को अत्यधिक प्रभावशाली बनाता है।

द्वितीय सत्र में वर्तनी एवं मात्राओं का त्रुटि संशोधन पर गतिविधि आधारित परिचर्चा हुई।
इसमें लेखन के दौरान होने वाली सामान्य अशुद्धियों पर ध्यान केंद्रित किया गया। सुनील शर्मा, सौरभ सिंह एवं अशोक देवांगन के निर्देशन में शिक्षकों ने मानक हिंदी वर्तनी के नियमों, इ/ई तथा उ/ऊ की मात्राओं के प्रयोग, अनुस्वार व अनुनासिक (चंद्रबिंदु) के अंतर और ‘र’ के विभिन्न रूपों के सही उपयोग के व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत किए। बूझ पहेली के माध्यम से व्ही के सोनी एवं भूपेंद्र श्रीवास्तव ने कार्यशाला को अति रोचक बना दिया। निर्मला साहू व नीलम सिंह के मार्गदर्शन में इस दौरान उपस्थित शिक्षकों ने दैनिक पठन-पाठन और लेखन में होने वाली त्रुटियों के समाधान हेतु अभ्यास सत्र का आयोजन किया।
महेंद्र हिरवानी एवं रवि देवांगन ने हिंदी की संवैधानिक स्थिति व राजभाषा अधिनियम की जानकारी दी।
विद्यालय के प्राचार्य रमाकांत कौशिक ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि भाषा की शुद्धता ही उसकी शक्ति है और इस प्रकार की कार्यशालाएं भाषाई दक्षता बढ़ाने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती हैं। उन्होंने सभी से दैनिक व्यवहार में शुद्ध हिंदी अपनाने का आह्वान किया। अंत में केवरा पटेल ने काव्यात्मक शैली में धन्यवाद ज्ञापन एवं आभार प्रदर्शन किया।